9/13/2011 07:43:00 PM Edit This 0 Comments »
आदमी-हे भगवान,मुझे तरक्की दे दे,मैं तूझे ५०१ का प्रसाद चढाऊँगा|
भगवान-अरे,कुछ तो शर्म  कर,अन्ना देख रहा है|

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